आशुतोष राणा राष्ट्रीय विचारधारा से ओत-प्रोत एक उत्कृष्ट कलाकार (अभिनेता) हैं। आपने ‘रामराज’ नाम से एक उपन्यास प्रणीत किया है। इसके विषय में चर्चित है कि- यह एक धार्मिक उपन्यास है। इसके नायक पुरूषोत्तम श्रीराम है। इसका कथानक ‘रामकथा’ पर आधारित है। जो विभिन्न पात्रों के चरित्र पर अनेक अध्यायों में विभक्त है। जिनमें दशरथ, कौशल्या, दाशरथी श्री राम, भरत की भातृ भक्ति, लक्ष्मण की सेवा भावना तथा शत्रुध्न का शत्रुहंता रूप दिखाया है। वहीं पर असुर पात्र रावण और उसके कुल से जुड़े पात्र है। यह वास्तव में सत्य की असत्य पर विजय की गााथा है। रामराज में धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक समरसता राष्ट्रधर्म की रक्षा के प्रण प्रदर्शित हैं। भाषा-शैले- शुद्ध हिन्दी में लिखा यह ‘रामकथा’ शैली पर लिखा उपन्यास है। इसके संवाद पात्रानुसार कठित है।