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आँवला की चटनी

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

आँवला में सर्वाधिक विटामिन 'सी' एवं कैल्शियम पाया जाता है विभिन्न पकार के व्यंजन में सम्मिलित होता है जैसे आँवला का आचार, आँवला का मुरब्बा, आँवला की कढ़ी, आँवला की चटनी । आँवला को सुखाकर सुपाड़ीनुमा टुकड़े करके खाने में रखा जाता है। पाऊडर बनाया जाता है जिससे सिर के बाल काले, मजबूत एवं लम्बे होते हैं । आँवला लोहे के बर्तन में पानी के साथ फूलने देवें सुबह वही पानी तेलनुमा सिर पर लगावें आधा घन्टे बाद धो लेवें लगातार इस विधि से बालों का झड़ना बंद होता है और बाल घने काले लम्बे होते हैं। आँवले का उपयोग आयुर्वेदिक दवाइयों में रामबाण की तरह फायदा करता है । च्यवनप्राश शुद्ध आँवले का बनता है मेवा मिष्ठान डालकर पौष्टिक हो जाता है आँवला में सर्वाधिक पौष्टिकता होती है। चाहे किसी भी रूप में लिया जावे । चटनी सहज, सरल तत्काल तैयार की जाती है जिससे पौष्टिकता के साथ भोजन करने वाले की रूचि में
इजाफा होता है ।

सामग्री - आँवला पाँच, हरी मिर्च, हरी धनिया, जीरा एवं नमक आवश्यकतानुसार ।

विधि - आँवले पहिले पानी से धोयें काटकर गुठली निकाल लेवें । हरी मिर्च, हरा धनियाँ, जीरा, नमक के साथ पत्थर की सिल लोड़ा से महीन पीस लेवें लीजिए आँवले की चटनी तैयार ।

पौष्टिकता - आँवले में विटामिन 'सी' कैल्शियम में पर्याप्त पाया जाता है।

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