चंदेरी परिक्षेत्र में ही ईसागढ़ से मात्र 13 किलोमीटर और बीठला जैन क्षेत्र से यह केवल 6 किलोमीटर दूर है। यहाँ केवल मंदिरों के भग्नावशेष विद्यमान हैं। जैन तीर्थंकर मूर्तियों के खण्डित हिस्से और निकट की पहाड़ियों पर भी कलावशेष विद्यमान हैं। क्या इस लेख में कोई त्रुटि है? flag सुझाव / त्रुटि रिपोर्ट करें संबंधित लेख मनहरदेव visibility25 सोनागिरि visibility15 प्यावल visibility6