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चौबे हितराम कृष्ण

चौबे हितराम कृष्ण

जन्म  –  सं. १७७० वि.

कविताकाल  –  सं. १८०० वि.

जीवन परिचय

ग्रन्थ  –  विनय अष्टक,  विनय पच्चीसी, रास पंचाध्यायी, विष्णु अवतार  चरित्र, वज्रनाम की कथा, वृषभान की कथा,            रुक्किमणी मंगल, अष्टक अवतार, दूसरी रुकमिनी, श्रीकृष्ण विलास, ग्वाल पहेली लीला, परीक्षा उदाहरण,                स्फुट कवित्त।

चौबे राम कृष्ण का जन्म बांदा के हितराम कृष्ण के यहाँ हुआ था। आप राधा बल्लभ सम्प्रदाय के अनुयाई थे। रास पंचाध्यायी आप की उत्कृष्ण कृति है। इनकी भाषा-भाव बड़े ही सुन्दर है-

                “पंकज बरन रवि छवि के हरन चारि,

                फल के फरन देव तरु सम गाइये।

                   विधि के सरन भेटे जिय कौजर निगावै,

           धरा के धरन सदा हिय में रमाइये।

         जान पै ढरन दुख दारिद हरन,

            असरन के सरन रामकृष्ण उर ध्याइये।

             संकट हरन भवनिधि के तरन सब,

           सुख के करन गुरू चरण मनाइये।”

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