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बुंदेलखंड विश्वकोश

दया दीक्षित

जन्‍म – 1 जनवरी 1963 ई.

जन्‍म स्थान मजगुवाँ, सतना (म.प्र.)

जीवन परिचय –

शिक्षा –  एम.ए. पी-एच.डी.

वर्तमान में – एसोसिएट प्रोफेसर 128/387 वार्ड-वन ब्लॉक, (कानपुर)

कार्यक्षेत्र – नौगाँव (म.प्र.)

आलेख – समसामयिक सांस्कृतिक आलेख-बुन्देलखण्ड और कार्तिक आदि

कहानी – धरी, कुधरी, सुधरी , चिट्ठी-पत्तरी , सत्कर्म की जीत , एक थी सुमन, एक थी उम्मेद

उपन्यास – आपने हिन्दी / बुन्देली भाषा में उपन्यास लिखे हैं इसमें- (गुन अवगुन की गली में जिद्द) चर्चित उपन्यास है। फाग लोक के ईसुरी

आठवें दशक के बाद लिखे उपन्यासों में ग्रामीण परिवेश एवं प्रतिवेश के कथानकों का समावेश देखने को मिलता है। पारिवारिक विघटन के साथ प्राचीन और आधुनिक परम्पराओं की विषमताओं से जूझते समाज के अक्स समकालीन उपन्यासों में प्रतिबिम्बित हैं। डॉ. दया दीक्षित का लघु उपन्यास “गुन अवगुन की गली में जिद्द” में यही सब देखने को मिलता है।

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