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बुंदेलखंड विश्वकोश

डॉ. गंगाप्रसाद गुप्त ‘ बरसैंया’

डॉ. गंगाप्रसाद गुप्त ' बरसैंया'

जन्म – 6 फरवरी, 1937

जन्म स्थान -भौरी (जिला बाँदा अब चित्रकूट उ.प्र.) 

जीवन परिचय

सेवा – म.प्र. के शासकीय महाविद्यालयों में व्याख्याता, प्राध्यापक, प्राचार्य, स्नातकोत्तर प्राचार्य पद से 31-12-96 को सेवानिवृत्त।

योग्यता – एम.ए. (हिन्दी), पी-एच.डी. (सन् 1964) जबलपुर वि.वि.

विषय  –  हिन्दी साहित्य में व्यक्तिवादी निबन्ध और निबन्धकार
 

कृतियाँ –

  • हिन्दी साहित्य में व्यक्तिवादी निबन्ध और निबन्धकार
  • छत्तीसगढ़ का साहित्य और उसके साहित्यकार
  • आधुनिक काव्य: सन्दर्भ और प्रकृति
  • हिन्दी के प्रमुख नाटककार एवं नाटककार
  • बुंदेलखंड के अज्ञात रचनाकार (शोध-निवन्धों का संग्रह)
  • चिंतन-अनुचिंतन (महत्वपूर्ण निबंध)
  • हिन्दी का प्रथम अज्ञात सुदामा चरित्र (सम्पादन)
  • बौर विलास (आल्हा सम्बन्धी प्राचीनतम पाण्डुलिपि)
  • अरमान  वर पाने का (व्यंग्य लेखों का संग्रह)
  • निन्दक नियरे राखिये (व्यंग्य लेखों का संग्रह)
  • अथ काटना कुत्ते का भइया जी को (व्यंग्य-संग्रह)
  • कर्म और आराधना (चिन्तनपरक आलेख)
  • रचना से रचना तक। (समीक्षात्मक लेखों का संग्रह)
  • तुलसी के तेवर
  • रास विलास (सं.)
  • मेरी जन्मभूमि: मेरा गाँव
  • कभी-कभी यह भी (काव्य-संग्रह)
  • नारी: एक अध्ययन
  • बुन्देली: एक भाषा वैज्ञानिक अध्ययन (सम्पादन)
  • मानस मनीषा
  • रूपक और साक्षात्कार
  • विन्ध्यालोक (सम्पादन)
  • लोक वाटिका
  • शब्दों के रंग: बदलते प्रसंग
  • रचना अनुशीलन (समीक्षा)
  • सूजन-विमर्श (समीक्षा)
  • खरी-खरी (काव्य)
  • संवाद: साहित्यकारों से
  • एकल संकलन
  • मध्यकालीन काव्य
  • बुंदेलखंड का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य
  • बुन्देली धरा के अनखुले पृष्ठ
  • छत्तीसगढ़ की साहित्यिक-विभूतियाँ
  • मनोभूमि के विविध रंग
  • छतरपुर जिले का साहित्यिक गजेटियर (अप्रकाशित)
  • आठ रूपक (अप्रकाशित)
  • बुंदेली विविध

अन्य प्रकाशन – लगभग 200 शोधपरक निबन्धों का देश की प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन तथा अनेक ग्रन्थों का संकलन। समय-समय पर अनेक शोध पत्रिकाओं, स्मारिकाओं व ग्रन्थों का सम्पादन।

शोध निर्देशन – 12 शोध छात्रों को मेरे निर्देशन में पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त। लघु शोध-प्रबन्धः लगभग 20 शोध-प्रबन्ध निर्देशन में प्रस्तुत।
 
संपादन – ‘नव-ज्योति’, ‘राष्ट्रगौरव’, ‘संज्ञा’ और ‘बंधु’ पत्रिकाओं के संपादक।

पूर्व में विश्वविद्यालयों से सम्बन्धित -

अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा –

1. अध्यक्ष-हिन्दी अध्ययन मण्डल
2. अध्यक्ष शोध उपाधि समिति
3. अध्यक्ष-परीक्षा समिति
4. सदस्य विद्या परिषद
5. सदस्य-कार्य परिषद
6. डीन- कला संकाय
 
जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर –
1. विशेषज्ञ सदस्य (समन्वित) हिन्दी अध्ययन मंडल
 
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर –
1. विशेषज्ञ सदस्य (समन्वित) हिन्दी अध्ययन मंडल अनेक विश्वविद्यालयों के पंजीकृत शोध निर्देशक, परीक्षक आदि।

साहित्यिक सम्बद्धता

  • मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन की कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य
  • बुंदेलखंड कला संस्कृति परिषद, छतरपुर के संस्थापक एवं अध्यक्ष
  • म.प्र. आंचलिक साहित्यकार परिषद के उपाध्यक्ष एवं छतरपुर इकाई के अध्यक्ष
  • कला परिषद, टीकमगढ़ के संस्थापक पूर्व अध्यक्ष
  • अ.भा. भाषा साहित्य सम्मेलन म.प्र. इकाई की का. का. के सदस्य एवं छतरपुर इकाई के अध्यक्ष
  • अन्य अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्बद्ध
  • अखिल भारतीय स्तर पर केशव जयन्ती समारोह ओरछा तथा बुन्देली समारोह आदि का अनेक बार आयोजन एवं संयोजन
  • पिछले 35 वर्षों से बुंदेलखंड के अज्ञात साहित्य पर शोध कर रहे लगभग 50 अज्ञात लेखकों की रचनाओं का प्रथम प्रकाशन
  • महाकवि केशव अनुसन्धान केन्द्र ओरछा (रीवा वि.वि.) के दो वर्ष तक संचालक (डायरेक्टर)
  • छत्रसाल मेमोरियल ट्रस्ट, प्रणवानंद जनकल्याण ट्रस्ट और टौरिया ट्रस्ट के पूर्व सदस्य
  • विश्व हिन्दी साहित्य सम्मेलन सहित अनेक राष्ट्रीय संगोष्ठियों में सहभागिता
  • राष्ट्रीय स्तर की अनेक साहित्यिक संगोष्ठियों व सेमीनारों का संयोजन व संचालन।

सम्मान-पुरस्कार-अलंकार-

  • महामहिम उप-राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल जी शर्मा द्वारा अ.भा. भाषा साहित्य सम्मेलन की ‘साहित्य श्री’ उपाधि से सम्मानित तथा सम्मेलन द्वारा सर्वोच्च राष्ट्रीय अलंकरण’ भारत भाषा भूषण एवं सरस्वती सम्मान’।
  • म.प्र. लेखक संघ भोपाल का डॉ. सन्तोष तिवारी समीक्षा सम्मान व पुरस्कार 2005 में म.प्र. के महामहिम राज्यपाल डॉ. बलराम जाखड़ द्वारा अलंकृत।
  • कादम्बिनी क्लब जबलपुर म.प्र. द्वारा अखिल भारतीय ‘सेठ गोविन्ददास पुरस्कार’ से अलंकृत।
  • अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा ‘साहित्य वारिधि’ अलंकार।
  •  लोक-मंगल एवं लोक-संस्कृति सेवा निधि ट्रस्ट, उरई उ. प्र. द्वारा ‘गौरीशंकर द्विवेदी अलंकरण’ एवं पुरस्कार।
  •  बांदा जनपद का तुलसी पुरस्कार तथा सार्वजनिक अभिनन्दन।
  • वीरेन्द्र केशव साहित्य परिषद, टीकमगढ़ द्वारा ‘बुन्देल वारिधि’ पुरस्कार।
  •  बुन्देली विकास संस्थान बसारी म.प्र. द्वारा राव साहब बुन्देला सम्मान।
  • हिन्दी प्रचारिणी सभा, कानपुर उ.प्र. द्वारा’ साहित्य भारती’ से अलंकृत।
  • अ.भा. भाषा साहित्य सम्मेलन द्वारा विद्रोही पुरस्कार से पुरस्कृत।
  • लायन्स क्लब छतरपुर द्वारा छतरपुर गौरव सम्मान।
  • आकाशवाणी छतरपुर की सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य।
  • रामायणम ट्रस्ट अयोध्या, उ.प्र. द्वारा पं. रामकिंकर सम्मान।
  • ओरछा महोत्सव व केशव जयन्ती समारोह समिति द्वारा ‘मित्र मिश्र अलंकरण’ एवं पुरस्कार।

प्रशासनिक अनुभव

  • 40 वर्षों तक हिन्दी के आचार्य, विभागाध्यक्ष एवं स्नातक व स्नातकोत्तर प्राचार्य, म.प्र. शासन के उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत महाविद्यालयीन सेवा के अन्तर्गत।
  • दो वर्ष तक महाकवि केशव अनुसन्धान केन्द्र ओरछा (रीवा वि.वि.) के संचालक (डायरेक्टर)।
  • हरिसिंह गौर वि.वि. सागर तथा रविशंकर वि.वि. रायपुर से दो शोधार्थियों को साहित्य पर पी-एच. डी. उपाधियाँ प्राप्त।
  • अनेक संस्थाओं के अध्यक्ष संचालक आदि।

 

 

स्थायी निवास –  ए-7, फारचून पार्क, जी-3, गुलमोहर, भोपाल (म.प्र.)
462039 मो. 9425376413
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