ग्रन्थ – हनुमान पंचक, हनुमान पच्चीसी , हनुमत पच्चीसी, हनुमत नखसिख, लक्ष्मण शतक , नृसिंह चरित्र , नृसिंह पच्चीसी, नीति विधान , अष्टयाम , समयसार आदि
कविवर खुमान का जन्म ग्राम खरगाँव में छतरपुर के पास हुआ था। आप जन्मान्ध थे। सरस्वती का वरदान दैवयोग से मिला जो एक सन्यासी की कृपा बताई जाती है। आपके लक्ष्मण शतक और हनुमत-नखसिख ग्रन्थ बहुत प्रसिद्ध है।
कविता-काव्य – आपकी रचनाओं में भक्ति की प्रमुखता है। छन्द उसी के अनुरूप है। आपकी कविता में अनुप्रासालंकार का सुन्दर समावेश हुआ है।