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खुमान कवि

खुमान कवि

जन्म  –  सं. १८०० वि.

कविताकाल  –  सं. १८३० वि.

जीवन परिचय

ग्रन्थ  – हनुमान पंचक, हनुमान पच्चीसी ,  हनुमत पच्चीसी,  हनुमत नखसिख, लक्ष्मण शतक ,  नृसिंह चरित्र ,  नृसिंह पच्चीसी,  नीति विधान ,  अष्टयाम , समयसार आदि

कविवर खुमान का जन्म ग्राम खरगाँव में छतरपुर के पास हुआ था। आप जन्मान्ध थे। सरस्वती का वरदान दैवयोग से मिला जो एक सन्यासी की  कृपा बताई जाती है। आपके लक्ष्मण शतक और हनुमत-नखसिख ग्रन्थ बहुत प्रसिद्ध है।

कविता-काव्य  –  आपकी रचनाओं में भक्ति की प्रमुखता है। छन्द उसी के अनुरूप है। आपकी  कविता में अनुप्रासालंकार का सुन्दर समावेश हुआ है।

भुजावर्णन  –

           “गिरि गढ़ ढाहन सनाहन हरन वार,

           कुद्ध है करन वार खल-दल भंग के।

                ‘मान’ कवि ओज उद्भूत मजबूत महा,

                विक्रम अकूत धरै, तूत सफजंग के।

           ठोकत ही जिन्हें रन-ठौर तजि भाजै अरि,

           ठहरै न ठीक ठाक उमड़ि अमंग के।

                भारी बलवंत काल दंड ते प्रचंड बंदौ,

                उदित उदंड भुजदंड बजरंग के।”

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