पता – 1020 शक्तिनगर, गुप्तेश्वर रोड, जबलपुर (म.प्र.)
अध्यक्ष – म.प्र. हिन्दी लेखिका संघ
उप सम्पादक – दिव्य नर्मदा त्रैमासिक पत्रिका
प्रकाशन –
अन्तर की सीपियों के मोती • व्यथा की पृथ्वी • एक सूरज मेरे अन्दर
मौन तोड़ो आज तुम • तीसरा कोना • गलियारे की धूप
बुन्देली काव्य –
मेला देखन निकली गुईयाँ
उपन्यास –
भोर कौ उजयारो पाथेय प्रकाशन जबलपुर (म.प्र.)
लक्ष्मी शर्मा के सृजन में नारी उत्थान की कथा-व्यथा है। भाषा सरल बुन्देली है। उपन्यास के पात्र स्थानीय है। सम्वाद पात्रानुसार हैं। इसमें उपन्यास लेखिका ने कन्या शिक्षा पर जोर दिया है। उपन्यास की आंचलिक भाषा बुन्देली भाषा है। इसके संवाद चुटीले हैं जो बुन्देली और बुन्देलखण्ड की पहिचान बनते हैं।