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बुंदेलखंड विश्वकोश

मोहन लाल गुप्त ‘चातक’

जन्‍म – 8 मई 1941 ई.

जन्‍म स्थान – भुवाली (नैनीताल)

जीवन परिचय –

वर्तमान पता – 200 बड़ा बाजार, झांसी

योग्यता – पी-एच.डी.

पेशा – शिक्षक

उपन्यास – आप की रचना ‘बुन्देलखण्ड की अमर क्रांति’ वास्तव में एक दासता से मुक्ति हेतु क्रांतिकारी आख्यान है। झाँसी क्रांति की भूमि है। जहाँ असंख्य नर-नारियों ने बलिदान दिये और अमर हो गये। बुन्देलखण्ड की अमर क्रांति इन्हीं बलिदानियों का दस्तावेज है।

डॉ. मोहन लाल गुप्त ‘चातक’ की अन्य रचनाएँ साहित्य की निधि हैं-

  • चित्रकूट (खण्ड काव्य)
  • प्रेम वीथी (संयोग-श्रंगार-गीत)
  • राजधर सतसई, हरदौल चरित्र, मदनेश ग्रंथावली शोध ग्रंथ हैं। रस-भूषन, बनिक प्रिया, रामचन्द्रा भरना जैसी कृतियों का सम्पादन किया है, एरिच के सिक्के तथा अनेक बुन्देली रचनाओं के रचनाकार रहे।

निधन – 7 अप्रैल 2007 ई.

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