सेब बनाने के छन्ने बाजार में मिलते हैं। तीन प्रकार के पतले, मोटे और दोनों के बीच की साइज यह व्यक्ति की पंसद पर निर्भर है। सामाजिक पारिवारिक स्तर पर बेसन के सेव का महत्व अधिक है एवं आवश्यकता सभी बुन्देलखण्ड में राजा महाराजा सेव का उपयोग नाश्ते में करते थे ।
सामग्री - बेसन, अजवाइन, मिर्च, नमक, तेल ।
विधि - बेसन परांत (थाली) में रखें नमक, मिर्च, अजवाइन तथा तेल का भोइन देवें । यदि सादा सेव बनाना है तब मिर्च या अजवाइन का प्रयोग नहीं किया जाता है। पानी से गूंथ लेवें । भली भाँति गूंथकर हाथ में इतना बेसन लेवें जितना हथेली में पकड़ते बने कढ़ाही में तेल गरम करें कढ़ाही के ऊपर छन्ना रखें एक हाथ से छन्ना पकड़े दूसरे हाथ से सेव बनाने के लिए बेसन छन्ने पर रखकर बेसन आगे पीछे घिसते जावें सेव नीचे कढ़ाही में गिरते जाते हैं आरंभ में आग की आँच धीमी रखें फिर मध्यम पर करके झारिया से उलट-पलट कर सेंकते जावें । सिके हुए सेव खुले बर्तन में रखें ताकि ठण्डे हो सकें फिर बंद डिब्बे में रख दीजिये । बाद में हवा नहीं लगना चाहिए अन्यथा सेव में नमी आ जाती है और खाने में बेस्वाद लगते हैं । बेसन में अजवाइन डालने से पाचन में सहायक होते हैं । इसलिए ज्यादातर बेसन की वह खाद्य सामग्री जो तेल में तली जाती है अजवाइन डालना चाहिए, शरीर के लिए लाभकारी होती है ।
पौष्टिकता - बेसन-प्रोटीन, अजवाइन पाचनशील तत्वों से युक्त होती है। वायु दोष का निराकरण अजवाइन से होता है ।