रघुनाथ सिंह ‘मधुप’ ने अपने उपन्यास ‘गरीब की बेटी’ में सामाजिक दूषण को चित्रित कर गरीब और गरीबी जन्य व्यथाओं को प्रगट किया है। ‘रामगढ़ की रानी’ खण्ड काव्य में रानी के चरित्र चित्रण के साथ राजनीतिक परिवेश में रामगढ़ की रानी की वीरता की कहानी को उदृत किया है।