रमेशवन्द्र वर्मा झाँसी परिक्षेत्र में पैदा हुये। बाँदा जिले की क्रांतिकारी भूमि का प्रभाव आपके सृजन में परिलक्षित होता है। आपकी कहानियों में तत्कालीन समाज के दूषण और नारी जीवन की व्यथा कथा है आपने ‘एकांकी’ नाटकों द्वारा इतिहास के वृत्तों व कृत्यों का सटीक बखान किया है। आपने अनुवाद क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर हिन्दी साहित्य में इसकी परिपूर्ति की है। आपका लिखा उपन्यास धुंध है। उपन्यास धुंध में उपन्यासकार रमेशचन्द्र वर्मा ने तत्कालीन समाज, इतिहास व व्यक्ति और परिवेशगत द्वन्द्वों, परिवादों व सांस्कृतिक संचेतना परछाई धुंध पर अच्छा प्रकाश डाला है। आपका निधन 20.11.70 को हुआ।