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सुबोध कुमार श्रीवास्तव

जन्‍म – 25 अक्टूबर 1943 ई.

जन्‍म स्थान – दमोह (म.प्र.)

जीवन परिचय –

उपन्यास – राजधानी में आठ दिन , हीरा पड़ा बाजार में

व्यंग्य – शहर बन्द क्यों है , बचिये भभूत गिर रही है

कहानी संग्रह – रक्तदान , हर दिन अकाल , लकीर

सुबोध कुमार श्रीवास्तव स्वतंत्रता काल के साहित्यकार हैं। अतएव आपके लेखन में युग-काल के सुधार, ‘हीरों की गिरती साख’ का अच्छा चित्रण किया है। आपने अपने सशक्त व्यंग्यवाणों से ‘बन्द शहर’ भभूतिया अन्धविश्वासों पर प्रहार किये हैं। इसके साथ समाज-सुधार की संचेतना की बात कही है।

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