बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

सुरेश कुमार वर्मा

जन्‍म – 20 दिसम्बर 1938 ई.

जन्‍म स्थान जबलपुर (म.प्र.)

जीवन परिचय – डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ने साहित्य की प्रत्येक विधा चाहे काव्य हो या आलेख में सार्थक सृजन किया है। आपके उपन्यास बहु चर्चित है।

योग्यता – डी. लिट

पद – पूर्व प्राचार्य, अति संचालक उच्च शिक्षा

उपन्यास – सबका मालिक एक (ऐतिहासिक) , मुमताज महल और रेस्मान , महाराज छत्रसाल

साठोत्तरी काल साहित्य क्षेत्र में श्रद्धा-विश्वास के साथ ऐतिहासिक विमर्शों का समय रहा है। जिसमें उपन्यासों के सृजन में विविधता के साथ उसके विन्यास और लेखन के कौशल का वैशिष्टय है। डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ऐसे ही उपन्यासकार हैं जिनके उपन्यासों में इन्हीं सब को उजागर किया है। ‘सबका मालिक एक’ में जहाँ श्रद्धा और विश्वास के द्वन्द्व व प्रतिबिम्ब हैं तो “मुमताज महल और रेस्मान’ में प्रेम की परिणति देखने को मिलती है। डॉ. सुरेश कुमार वर्मा का उपन्यास “महाराज छत्रसाल” एक अन्य चर्चित कृति है।

अन्य रचनाएँ- नाटक – निम्नमार्गी, दिशाहीन (1984 ई.)

निबंध संग्रह-  करमन की गति न्यारी

कहानी संग्रह- जंग के दरवाजे पर इस सब में लेखक ने पीढ़ियों के द्वन्द्व, अध्यात्म, कर्मफल, धर्म-जाति आदि के संचारी भाव चित्रित किए हैं।

क्या इस लेख में कोई त्रुटि है?