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बुंदेलखंड विश्वकोश

अमघोरा

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

गर्मी के दिनों में जब कच्चे आम आने लगते हैं तब अमघोरा बनाया जाता है अमघोरा का तात्पर्य आम की कढ़ी या कहीं पर आम का लपटा भी कहते हैं। यह व्यंजन भी बुन्देलखण्ड के गाँव से लेकर शहरों तक में दोपहर के भोजन में तैयार होता है। गर्मियों के दिनों में अन्य सब्जी की अपेक्षा अमघोरा से भोजन रूचिकर एवं स्वादिष्ट हो जाता है ।
सामग्री - बेसन, दो आम, जीरा एक चम्मच, नमक, हल्दी, मिर्च, धनियां, प्याज दो बड़ा, नग लहसुन चार पोथी ।

विधि - दो कच्चे आम धोकर छिलका उतार लेवें, महीन-महीन टुकड़े करें, प्याज का छिलका निकाल कर महीन काटें, लहसुन पोथी छीलकर कुचल कर महीन कर लेवें। तीनों सामग्री को बर्तन में पानी के साथ गरम आँच पर रखें । धनियाँ, मिर्च, हल्दी, नमक साथ में डाल देवें । पकते -पकते पूरी सामग्री मिक्स हो जाती है । अब पानी में बेसन घोलें । घोल लपटा जैसा ही तैयार करें। पानी में घुला बेसन आँच पर चढ़े बर्तन के पेस्ट में मिला देवें । पानी इतना डालें उबाल आने के बाद कढ़ीनुमा आ जावे । आधा घन्टे तक पकायें । पक जाने के बाद बर्तन नीचे उतारकर रखें। जीरा पीसकर ऊपर से डाल दीजिए । धनिया पत्ती काटकर डालें । लीजिए अमघौरा तैयार बुन्देलखण्ड में ही कुछ क्षेत्रों में राई, जीरा का बघार लगाते हैं । किन्तु बिना बघार का ज्यादा स्वादिष्ट लगता है अमघौरा रोटी चावल के साथ खाया जाता है गरम ज्यादा अच्छा लगता है ।

पौष्टिकता - बेसन-प्रोटीन, आम-विटामिन 'सी', प्याज, लहसुन-खनिज लवण, धनिया, मिर्च, हरा धनियाँ, हल्दी, जीरा, नमक उक्त सभी सामग्री में विटामिन, खनिज लवण होते हैं । हल्दी एनटीबाइटिक होती है इसलिए सभी सब्जियों में हल्दी का प्रयोग रंग के साथ एन्टीबाइटिक का प्रभाव छोड़ती है।

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