मीढ़ा बेसन का व्यंजन है। किसी भी मौसम में पकाया जाता । भोजन की आयोजना में स्वाद बदलने के लिए या हरी सब्जियों का घर में अभाव हो आकस्मिक समय में भी मीढ़ा रूचिकर स्वादिष्ट लगता है घरों में लगभग मीढ़ा पकाने की सामग्री उपलब्ध होती है । इसे "रबीला मीढ़ा" भी कहते हैं ।
सामग्री - एक पाव बेसन, लहसुन पोथी आठ, प्याज एक लाल या हरी मिर्च, धनियाँ, हल्दी पाऊडर नमक, हींग, तेल, धनिया पत्ती आदि ।
विधि - बेसन को परांत में रखें पहिले पानी एवं तेल का छिड़का देकर रबादार बनावें, कढ़ाई में थोड़ा तेल डालकर कढ़ाई धीमी आँच पर रखकर बेसन को सेंक लेवें। गुलाबी होने पर उतार लें । प्याज मिर्च धनिया हल्दी का मसाला पिसा हुआ तैयार करें। लहसुन छीलकर हल्का कुचल लेवें । पुनः कढ़ाई में तेल डालकर गरम करें। गरम होने पर पहिले हींग फिर लहसुन छोड़ देवें तुरंत बाद मसाला डालकर भूजना आरंभ करें । मसाला भली भांति भुंज जाने पर अंदाज से कम से कम एक किलोग्राम पानी डाल देवें आंच तेज कर देवें उबाल आने पर भुंना हुआ बेसन डालें आंच धीमी कर देवें । करछली से लगातार चलाते जावे आधा घन्टे तक उबालकर उतार लेवें मीढ़ा न पतला न बहुत गाढ़ा होता है । उतार कर रखें या हरा धनिया साफ कर काटकर डालें मीढ़ा तैयार गरमा-गरम थाली में रखी कटोरी में डालकर परोस देवें । पाचन की दृष्टि से मीढ़ा सर्वोत्तम व्यंजन है बुन्देलखण्ड में कई विधि से बनता है । जैसे स्वाद बढ़ाने को आम या टमाटर की खटाई डालते हैं। कहीं-कहीं पर चार-पाँच लौंग पीसकर डालते हैं । इसे चटपटा भी पकाया जाता है और सादा भी । हर वर्ग, समाज के परिवारों को मीढ़ा का सेवन होता है। जो पौष्टिक एवं सुपाच्य होता है ।
पौष्टिक - बेसन-प्रोटीन, समस्त मसालों में पौष्टिकता होती है, विटामिन खनिज लवण, वसा की प्राप्ति होती है ।