आम ऐसा फल है जिसे मौसम पर उपयोग में लाते ही हैं मौसम के अलावा भी वर्ष भर भोजन के साथ प्रयोग किया जाता है। आम का आचार, आम की जैम जैली आम की चटनी, आम का रस आदि बुन्देलखण्ड में आम के बगीचा आदि काल में राजा-महाराजा के रजवाड़े की शान शौकत रहे हैं। महारानियों के झूला आम की डाल पर सजाये संवारे जाते थे। जिससे शुद्ध आवोहवा और मधुर लावण्य रसयुक्त आम का रसास्वादन लेते हुये सावन महिना में रानी महारानी झूला झूलते हुए आनंद का अनुभव करती थीं । बुन्देलकाल में ज्यादा प्रचलन में रहा आल्हा ऊदल के समय रानियाँ विशेष तौर पर आम के बगीचों में समय व्यतीत करती थीं । आम का उपयोग सब्जियों, आचार चटनी में किया जाता था । चटनी गर्मी के दिनों में ज्यादा प्रचलित हैं वर्तमान काल में भी ।
सामग्री - आम दो, प्याज गांठ एक, मिर्च लाल या हरी, हरा धनियां, जीरा एवं नमक इच्छानुसार ।
विधि - आम को पानी से धोयें, ऊपर का छिलका निकाल लेवें, प्याज को छीलकर टुकड़े करें, मिर्च, हरा धनियां, जीरा के साथ पीसें आवश्यकतानुसार नमक मिलावें । भोजन की थाली में परोंसे एवं भजिया मंगौड़ी सूखे बड़ा एवं भाजी बड़ा के साथ खाने में प्रयोग करें।
पौष्टिकता - आम में विटामिन 'सी', विटामिन 'बी' कार्बोज पाया जाता है। प्याज में खनिज लवण एवं हरा मिर्च, धनिया में विटामिन 'सी' कैल्शियम की मात्रा होती है। आम जनसाधरण वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक अटूट मात्रा में प्रचलित है जिसे आसानी से प्राप्त किया जाता है । कई प्रकार के खाद्य व्यंजन में उपयोग होता है ।