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बाबू लाल द्विवेदी

जन्‍म – सन् 1975 ई.

जन्‍म स्थान – ललितपुर (उ.प्र.)

जीवन परिचय –

पिता – स्व. जानकी प्रसाद द्विवेदी

शिक्षा – उच्चतर माध्यमिक

पेशा – शिक्षक

काव्य – फुटकल

आलेख – शताधिक

अन्य कृतियाँ –

  • रचनावली-जोशी (ज्योतिषी परिचायिका) 
  • कायस्थ दीपिका
  • विशुद्ध विवाह पद्धति 
  • बानपुर विविधा

लघु उपन्यास – अमर प्रणय का प्रतीक खजुराहो

पं बाबूलाल द्विवेदी स्वतन्त्र्योत्तर काल के रचनाकार हैं। जिसमें नव-युग के नव-सृजन परिलक्षित होते हैं।

  • रचनावली-जोषी (ज्योतिषी) में ज्योतिष विधा को सम्रगता से रूपायित किया गया है।
  • कायस्थ-दीपिका में द्विवेदी जी ने कायस्थ संकुल का विवरण प्रस्तुत किया है।
  • विशुद्ध विवाह पद्धति में पं. बाबूलाल द्विवेदी ने वैवाहिक संस्कार की पद्धति को सही रूप में प्रस्तुत किया है।
  • बानपुर विविधा में लेखक ने क्रांतिपथ में बानपुर के योगदान से अवगत कराया है।

ऐसे बहु-प्रतिभा के साहित्य मनीषी द्विवेदी जी ने उपन्यास क्षेत्र में पुरातन को नवयुग के सृजन के रूप में एक ‘लघु उपन्यास’- “अमर प्रणय का प्रतीक खजुराहो” की रचना की है।

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