बलभद्र कायस्थजन्म – सं. १६१०वि.जन्म स्थान – ओरछा (बुंदेलखंड) मेंजीवन परिचयरचना – ‘अबुल-फजल’बलभद्र जी ओरछा महाराजा वीरसिंह जू देव के आश्रित एवं दरबारी कवि थे। इनकी रचना ‘अबुल-फजल’ के अंश से उस समय की स्थिति और काव्य का द्वगदर्शन होता है। “अहोवीर रनधीर मित्र चिर-सिंध सुनज्जिय। साह वजीर निकम्म ताहि को मंच कहज्जिय। वह सलाह कर लई तख्त यह औरहि दिज्जय। सो कंटक मम तार जगत में जस लै लिज्जय। नियम जहॉंगीर इम उच्चारहि, तुमहि आय दिल्ली तखत। अब्बल फजल विनास कर, लौट मिल बजाही बखत।।” क्या इस लेख में कोई त्रुटि है? flag सुझाव / त्रुटि रिपोर्ट करें संबंधित लेख article कृपाराम visibility12 article हरीराम व्यास visibility12 article विष्णुदास visibility13