बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

बेसन लड्डू (खण्ड 2)

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

बुन्देलखण्ड के मिष्ठान में प्रसिद्ध है बेसन के लड्डू सभी प्रकार के उत्सव, त्यौहार एवं सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उपयोग किए जाते हैं । किसी भी मांगलिक कार्यों में लड्डू का महत्व हैं । सामाजिक एवं राष्ट्रीय पर्वों जैसे पन्द्राह अगस्त, छब्बीस जनवरी, दो अक्टूबर, चौदह नवम्बर जैसे उत्सवों में उपयोग किया जाता है। इसी प्रकार विवाहोत्सव, सगाई, लड़के की लगुन, बच्चे के जन्मोत्सव में धार्मिक उत्सवों में तथा मकर संक्रांति पर भी बेसन के लड्डू बनाये जाते हैं । गणेश उत्सव में अवश्य उपयोग होता है । लड्डू दो प्रकार से बनाये जाते हैं। एक शक्कर की चासनी बनाकर, दूसरे शक्कर को रबादार बनाकर बेसन में हल्की चासनी बनाकर मिक्स कर बनाये जाते हैं इसे मगद के लड्डू कहते हैं । बुन्देलखण्ड में जो प्रचलित हैं, यहाँ उनका उल्लेख कर रहे हैं। वह है बेसन के लड्डू ।

सामग्री - आधा किलो बेसन, आधा किलो शक्कर, इलायची, घी एक पाव ।

विधि - कढ़ाही में एक पाव घी डालें उसी में बेसन डालकर धीमी आँच पर सेंक लेवें हल्का गुलाबी सिक जाने के बाद उतार लेवें । अब दूसरे बर्तन में 100 ग्राम पानी डालें उसी में शक्कर छोड़ देवें इलायची दाना पीसकर डाल देवें । मेवा रूचि एवं इच्छानुसार डालें । शक्कर पारा बन जाने पर भुना बेसन उसी में डालकर मिला लेवें । पूरा मिल जाने पर मध्यम आकार के लड्डू बनाने के लिए छोटी लोईनुमा हथेली में दबाते हुए गोल-गोल बनावें । लीजिए बेसन लड्डू तैयार अतिथि के आगमन पर नाश्ते में भी परोसे जाते हैं। घर में बनाये गए लड्डू ज्यादा स्वच्छ साफ सुथरे होते हैं किसी भी प्रकार की अस्वच्छता नहीं पाई जाती अतः रूचिकर मिष्ठान है ।

पौष्टिकता - बेसन-प्रोटीन, शक्कर-कार्बोहाइड्रेट, घी-वास ।

क्या इस लेख में कोई त्रुटि है?