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डॉ. महेन्द्र वर्मा

जन्‍म – 2 जुलाई 1929 ई.

जन्‍म स्थान – ग्राम कैथौली, फर्रूखाबाद (उ.प्र.)

जीवन परिचय –

पता – मोहल्ला-टकसाल, झाँसी, उ.प्र.

शिक्षा – एम.ए., पी.एच.डी.

पद – से.नि. शिक्षक एस.पी.आई. इंटर कॉलेज झाँसी

विशेषज्ञता – साहित्यकार, चित्रकार तथा कला मनीषी, इतिहासकार

उपन्यास – एक और अनारकली 1997 ई. , कविप्रिया (अप्रकाशित)

काव्य संग्रह – पीड़ा के स्वर

कहानी संग्रह – ऐतिहासिक प्रेम गाथाएँ

कला – प्राचीन भारतीय वास्तुकला , चन्देलकालीन कला , बुन्देलखण्ड के मूर्तिशिल्प (2008)

आलेख – लगभग छः सौ से अधिक

डॉ. महेन्द्र वर्मा साम्यवादी विचारधारा के पक्षधर रहे। यही सब उनके सृजन में भी देखने को मिलता है। आपके लिखे उपन्यासों-एक और अनारकली तथा कवि प्रिया में ऐसे विचार सन्निहित हैं-

एक और अनारकली – यह एक ऐतिहासिक उपन्यास है। उपन्यास की नायिका अनारकली है। अन्य पात्र अकबर सलीम जोधाबाई आदि सुपरिचित चरित्र हैं। इसकी कथावस्तु मुगलकालीन प्रेम प्रसंगों और रूहानी मिजाजों की कहानी में सलीम और अनारकली की तर्ज पर नवीन संदर्भों के साथ प्रस्तुत की गई है। इसमें उपन्यासकार ने नारी की व्यथा-कथा को एक नये प्रयोग के साथ सम्वेदना तथा कल्पना शीलता के साथ कथा-क्रम को उकेरा है। उपन्यास ‘एक और अनारकली’ की शैली और शिल्प-कथानक व पात्रों के अनुरूप गठित है। उपन्यास की भाषा हिन्दी कथानक, स्थान, समय व पात्रों के अनुरूप हिन्दी है। डॉ. महेन्द्र वर्मा का अन्य उपन्यास कवि-प्रिया है जो अप्रकाशित है।

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