शिक्षा – एम.ए. (अंग्रेजी) – 1959 इलाहाबाद वि.वि. इसके बाद अध्यापन कार्य। पूर्व आयकर कमिश्नर (म.प्र.) सेवा निवृत्ति के बाद भोपाल (म.प्र.) में निवास । आपने कहानियों के पूर्व अपना साहित्य सृजन उपन्यास लेखन से प्रारम्भ किया। आपके उपन्यास इस प्रकार हैं-
वह ! अपना चेहरा • उतरती हुई धूप • लाल-पीली जमीन
हुजूर दरबार (1981) • तुम्हारी रोशनी में (1985) • धीरे समीरे (1988)
पाँच आँगनों वाला घर (1995) • फूल इमारतें और बन्दर (2000)
कोहरे में कैद रंग
धूप पौधों पर
इस प्रकार आपने हरेक रंगों में उपन्यास कथा को सृजित किया है। जिनके संक्षिप्त विवरण से यह बात प्रगट होती है।
अन्य रचनाएँ –
कहानी – कवि के घर में चोर (बाल कहानियाँ) , अपाहिज , अन्तःपुर , आसमान कितना नीला , धाँसू , पगला बाबा (कहानी संग्रह)
काव्य – ओ प्रकृति माँ
इस प्रकार गोविन्द मिश्र ने साहित्य के इतिहास में अपना विशिष्ट स्थान स्थापित किया है।