उपन्यास – आप की रचना ‘बुन्देलखण्ड की अमर क्रांति’ वास्तव में एक दासता से मुक्ति हेतु क्रांतिकारी आख्यान है। झाँसी क्रांति की भूमि है। जहाँ असंख्य नर-नारियों ने बलिदान दिये और अमर हो गये। बुन्देलखण्ड की अमर क्रांति इन्हीं बलिदानियों का दस्तावेज है।
डॉ. मोहन लाल गुप्त ‘चातक’ की अन्य रचनाएँ साहित्य की निधि हैं-
चित्रकूट (खण्ड काव्य)
प्रेम वीथी (संयोग-श्रंगार-गीत)
राजधर सतसई, हरदौल चरित्र, मदनेश ग्रंथावली शोध ग्रंथ हैं। रस-भूषन, बनिक प्रिया, रामचन्द्रा भरना जैसी कृतियों का सम्पादन किया है, एरिच के सिक्के तथा अनेक बुन्देली रचनाओं के रचनाकार रहे।