ओम प्रकाश भरद्वाज ने साहित्य की गद्य विधा पर अपनी लेखनी चलाई है। उनका हिन्दी कहानी संग्रह व अन्य कृतियाँ अपने समय काल, परिस्थितियों, समाज व सांस्कृतिक विवर्तों को उजागर करने में बेजोड़ हैं। आपका लिखा उपन्यास “आधी घरवाली” अपने समय में चर्चित रहा। पर इसमें समकालीन उपन्यास की रचना धर्मिता देखने को मिलती है। • यह एक सामाजिक पारिवारिक उपन्यास है • इसकी कथावस्तु पारिवारिक रिश्तों के विन्यास का चित्रण है। जिसमें हास्य विनोद के विविध रंग परिलक्षित होते हैं। • इसके पात्र रिश्तों के द्योतक हैं। • उपन्यास के संवाद चुटीलें हैं। इस प्रकार की रचनाओं से ओमप्रकाश भरद्वाज का हिन्दी साहित्य में योगदान स्मरणीय है।