पेशा – शिक्षक पूर्व प्राध्यापक शा. शिक्षा महाविद्यालय, छतरपुर (म.प्र.)
उपन्यास – रामनाथ नीखरा अपने उपन्यास सृजन के लिये जाने जाते हैं। आपने अन्य विधाओं में दो कहानी संग्रह, एकांकी नाटक संग्रह, निबन्ध संग्रह और काव्य संग्रह प्रणीत किये हैं। किन्तु उपन्यासकार के रूप में वह अधिक प्रख्यात रहे।
नीखरा के उपन्यास – आपने चार उपन्यासों का सृजन किया है।
रिसता घाव (प्रथम) 1988 ई.
ठिठुरती धूप (दूसरा) 1995 ई.
महामुनि अगस्त्य (तीसरा) 1998 ई.
प्रवीणराय (चौथा) 2000 ई.
इसके अतिरिक्त “अशफाक उल्ला खाँ” अप्रकाशित है। रामनाथ नीखरा ने अपने उपन्यासों में समाज, संस्कृति, वर्ग विभेद और पौराणिक दृष्टि के साथ ऐतिहासिक परिदृष्यों को उकेरा है। जिस पर सम्यक् विचार करने पर पुष्ट होता है।
अन्य –
मस्तानी; बाजीराव की प्रेयसी – कहानी संग्रह
मेजर रणधीर – एकांकी
संत रविदास – जीवनी
इस प्रकार स्वतंत्रता पूर्व के रचनाकारों में रामनाथ नीखरा का हिन्दी साहित्य की अभिवृद्धि में अप्रतिम योगदान है।