काव्य – गाँव का कोई इतिहास नहीं होता , बालगीत संग्रह
कहानी संग्रह – पावन मेरे घर आई
अन्य – पृथ्वी का टुकड़ा
रूपान्तरण – शब्द से जागती है देह (ईसुरी की फागों का रूपान्तरण)
रमेशदत्त दुबे ने साहित्य की अनेक विधाओं पर अपनी लेखनी चलाई है। जिनमें कविता, गीत, कहानी और रूपान्तरण आदि का समावेश है। ‘टोला’ आपका बहुचर्चित उपन्यास है। जिसमें एक छोटे ‘टोला’ (गाँव) के कार्यकलापों का सटीक चित्रण किया गया है।