वर्तमान पता – वार्ड नं.- 3 पुरानी बस्ती, बल्देवगढ़,
जिला – टीकमगढ़ (म.प्र.)
पिता – स्व. बृजभूषण लाल खरे
शिक्षा – बी.एस.सी., बी.एड.
पेशा – सेवा निवृत्त प्रधानाध्यापक
काव्य – वरदान (कविता संग्रह) 1971
कहानी – आपके शहर में (कहानी संग्रह) 2018
उपन्यास –
रोटी और भूख – 1999
प्रभात किरण – 1999
रॉग प्वाइंट – 2019
दि प्रिजन ऑफ नेचर- 2019
करम अभागा (सद्य: प्रकाशित)
यदुकुल नन्दन खरे ने अपने साहित्य, काव्य, कहानी आदि से समाज और सामाजिक पारिवारिक समस्याओं को अभिव्यक्ति दी है। वास्तव में उपन्यासकार एक शिक्षक है तो वह आज की शिक्षित बेरोजगारी की त्रासदी को उजागर कर अपना दायित्व अच्छी तरह से निभाने में समर्थ हैं।