हरे ऑवलों को सुखाकर रख लिए जाते हैं, ऑवले की पौष्टिकता कभी समाप्त नहीं होती चाहे कितना भी तपाया जाये । आँवले का उपयोग व्यंजन में बहुत प्रकार से किया जाता है जैसे मुरब्बा, अचार, सुखा के पीसकर रखना, सुपाड़ीनुमा तैयार कर लौंग इलायची की तरह उपयोग किया जाता है, चटनी पीसकर भोजन के साथ उपयोग किया जाता है । ऑवले में शुद्ध विटामिन 'सी' एवं कैल्शियम पाया जाता। स्वस्थ्य जीवन के लिए ऑवले लाभकारी सिद्ध होते हैं । आँवले को सुखाकर पाऊडर बनाकर वर्ष भर के लिए रख लेवें। बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करने के लिए लोहे के बर्तन में रात में फूलने डाल देवें सुबह बालों में तेल के समान लगायें और आधा घन्टे बाद सिर धो लेवें इससे बाल काले एवं मजबूत होते हैं। ऑवला खाने के साथ सौंदर्य वर्धक में सहायक होता है। पौष्टिकता से युक्त है ऑवला ।
सामग्री - 100 ग्राम सूखे आँवला (उरघठीं) हल्दी, मिर्च, धनिया पाऊडर, नमक, बेसन, राई, जीरा, हरा धनिया पत्ती, तेल, हींग।
विधि - सर्वप्रथम सूखे आँवलों को साफ पानी में धो लेवें। एक बर्तन में रात भर के लिए पानी में डुबाकर रख देवें । ध्यान रखें ऊपर ढक्कन जरूर ढक देवें । फूले हुए ऑवले बाहर निकाल लेवें । उन्हें भली भाँति मसल लेवें । साफ पानी में मसले हुए ऑवले मिला देवें । मसलने के बाद गुठली को अलग कर देवें । ऑवले मसले हुए पानी में बेसन घोल लेवें । धीमी आँच पर कढ़ी बनाने वाला बर्तन रखें तेल डालें थोड़ा गरम होने पर हींग, राई, जीरा से छौंक (बघार) लगा देवें, धनिया मिर्च हल्दी पाऊडर डालते ही तुरंत ऑवले बेसन घुला (पेस्ट) घोल डाल देवें आवश्यकतानुसार नमक डालें धीमीं आँच में आधा घण्टा तक पकावें पानी ऐसा डालें जिससे न गाढ़ी हो न पतली हो । औरिया की कढ़ी स्वादिष्ट लगती है । हरा धनिया डालकर खाना में परोंसे चॉवल रोटी के साथ खाया जाता है ।