प्राचीन समय में शिमला मिर्च की सब्जी शाही व्यंजन की श्रेणी में आती थी हालांकि शिमला मिर्च का जिक्र बुन्देलखण्ड में लिखित कम मिलता है किन्तु समयानुसार इसका व्यंजन में उपयोग होता है। यह बुन्देल खण्ड से बाहर की उपज थी वर्तमान में इसकी उपज बुन्देलखण्ड में हो रही है। शिमला मिर्च तीन प्रकार से पकाई जाती है।
1) गिल्की या भिण्डी की तरह
2) आलू उबालकर मसाला में मिक्स करके मिर्च के अदंर भरकर पकने रखकर
3) बेसन की भरवाँ शिमला मिर्च जिसकी विधि एवं सामग्री प्रस्तुत है ।
सामग्री - एक पाव शिमला मिर्च, एक पाव बेसन, एक प्याज, लहसुन चार पोथी, लाल मिर्च धनिया, हल्दी, नमक अमचुर ।
विधि - शिमला मिर्च काटने के पहिले पानी से धो लेवें । कपड़े से पौंछ ले । ऊपर का डठुआ काटकर रखें। बेसन भूज लेवें । तत्पश्चात् प्याज लहसुन मिर्च, धनिया, हल्दी, अमचुर, नमक का मसाला बनावें । कढ़ही में तेल डालकर मसाला मूंज लेवें। मसाला भुजने पर भुंजा बेसन डालकर मिक्स कर लेवें। आँच से नीचे उतार लेवें । शिमला के कटे हुए हिस्से से मसाला भर देवें । कढ़ाही में तेल डालकर जमा देवें । आग की आँच धीमी रखें 25 मिनिट बाद बेसन भरवाँ शिमला मिर्च तैयार हो जायेगी । इस बात का ध्यान रखें आँच तेज न हो करछली या झरिया से बीच-बीच में चलाते रहें ताकि नीचे से जल न सकें । लीजिए आधुनिक युग की नवीन सब्जी तैयार ।
पौष्टिकता - प्रोटीन, विटामिन 'सी' कैल्शियम, खनिज लवण पाया जाता है ।