टमाटर का उपयोग सब्जी, सलाद, जैम, जैली, सॉस एवं चटनी में अत्याधिक किया जाता है । टमाटर की उपज बुन्देलखण्ड में अधिक होती है इसे देशी टमाटर कहते हैं । सबसे अधिक टमाटर सागर जिला के चनौआ ग्राम में होता है । जिसका विक्रय अन्य प्रांतों तक ट्रकों से होता है । कच्चा टमाटर में सबसे अधिक विटामिन 'सी' और कैल्शियम होता है सलाद, में शुद्ध पौष्टिकता मिलती है ।
सामग्री - टमाटर एक पाव, हरी मिर्च एक, हरा धनिया, लहसुन पोथी चार, अदरक टुकड़ा, जीरा एवं नमक इच्छानुसार ।
विधि - टमाटर पानी में धो लेवें, धीमी आँच पर भूनें लहसुन की पोथी भी भून लेवें । भूनने के बाद छिलका उतारें, लहसुन के ऊपर का छिलका उतारें हरी मिर्च, अदरक, जीरा और नमक सहित महीन पीसें, लीजिए स्वादिष्ट टमाटर चटनी तैयार इसे भोजन की थाली में परोसें इसके अतिरिक्त भजिया, मगौड़ी, पुड़ी पराठा के साथ खाने में उपयोग करें। बुन्देलकाल से लेकर वर्तमान तक सभी समाज सभी वर्ग में टमाटर सब्जी और सलाद में उपयोगी है। टमाटर के बगैर सब्जी बेस्वाद होती है। दाल, सब्जी, सलाद और चटनी तथा जैम जैली में सबसे अधिक उपयोग होता है। पाचन प्रणाली एवं अस्थि के लिए लाभदायक है।
पौष्टिकता - टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनिया में, विटामिन कैल्शियम पाया जाता है। जो शरीर के विकास में सहायक है । रोग रोधन क्षमता बढ़ाना है ।