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ब्‍यारी1 कबहु न छोड़िये, ब्‍यारी से बल जाय। / जो ब्‍यारी औगुन करै (तौ) दुपरे थोरो खाय।।

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ब्‍यारी1 कबहु न छोड़िये, ब्‍यारी से बल जाय। / जो ब्‍यारी औगुन करै (तौ) दुपरे थोरो खाय।।

info अर्थ:

(1- ब्‍यालू; रात्रि का भोजन।)