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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: उ

अक्षर 'उ' से शुरू होने वाले शब्द

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उँ [uM]

वि.
क्रि. कभी भी.

उ बिरिया [u biriyA]

वि.
क्रि. उस समय.

उआरबौ [uArabau]

क्रि.स.
पार लगाना, मुक्ति दिलाना, उबारना.

उआरें [uAren]

वि.
क्रि. पूरा पड़ना, निपटना, सफल होना.

उकड़ी [ukaRI]

सं.स्त्री.
साँप पकड़ने की लोहे की एक छड़ जिसका एक सिरा दुसंगा होता है.

उगत [ugat]

सं.पु.
उदय, उदित.

उगयानों [ugayAnon]

वि.
उँनींदा, नीद के झोंके.

उँगयाबौ [uMgayAbau]

क्रि.अ.
उनींदा होना, नींद के झोंके आना.

उँगरकटा [uMgarakaTA]

सं.पु.
एक लम्बा कीड़ा जिसके मुँह के पास दो काँतरें होती हैं.

उँगरिया [uMgariyA]

सं.स्त्री.
उँगली.

उगलन [ugalan]

सं.पु.
उल्टी करने के अर्थ में.

उढ़ौना [uRhaunA]

सं.पु.
भगवान के ओढ़ने का वस्त्र.

उतारैं [utArain]

सं.स्त्री.
कटिबद्ध में.

उतारौ [utArau]

वि.
तंत टोटका.

उतै [utai]

वि.
क्रि. वहाँ.

उनत [unat]

सं.पु.
भावावेश में आने के अर्थ में.

उनमाते [unamAte]

वि.
उन्मादित.

उनसार [unasAr]

वि.
अस्त-व्यस्त.

उनारन [unAran]

सं.पु.
उदाहरण या उपमा के अर्थ में.