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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: व

अक्षर 'व' से शुरू होने वाले शब्द

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वरमदेव [varamadev]

सं.पु.
लोक देवता.

वर्वरीक [varvarIk]

सं.स्त्री.
लोक देवता.

वसूलबौ [vasUlabau]

क्रि.स.
लेनदारी को बलपूर्वक उगाना.

वाचा [vAcA]

सं.पु.
वचन, वचनबद्धता.

वायलिन [vAyalin]

सं.स्त्री.
वाद्ययंत्र.

विआँरी [viAMrI]

सं.स्त्री.
रुपये का अंक प्रदर्शित करने के लिए अंक की दायीं बगल से अर्द्ध गोलाई लिए तथा अंक के नीचे बायीं तरफ तिर्यक अंक से खींची हुई रेखा.

विकट [vikaT]

वि.
कठिन, भयंकर, अत्यंत.

विचारबौ [vicArabau]

क्रि.अ.
किसी विषय पर विचार करना.

विचारौ [vicArau]

वि.
बेचारा, निरीह, दयनीय.

विदाई [vidAI]

सं.पु.
कन्या पक्ष में विवाह का अंतिम दस्तूर.

विरागी [virAgI]

वि.
वैराग्य धारण करने वाला, वैरागी.

विवाह पंचमी [vivAh pancamI]

सं.स्त्री.
त्यौहार.

वृषभान लली [vrishbhAn lalI]

सं.स्त्री.
वृषभानु की पुत्री राधा.

वैंचा [vaincA]

सं.पु.
घूमने या छा जाने के अर्थ में शब्द की तोड़-मरोड़.

वैया [vaiyA]

सं.स्त्री.
ननद.

व्यापबौ [vyApabau]

क्रि.अ.
परेशान होना, मुसीबत का सामना करना.