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बुंदेलखंड विश्वकोश

घुँघरूँ

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

नाम के अनुरूप ही होता है यह व्यंजन घुंघरू की तरह देखने में लगता है और स्वादिष्ट, पौष्टिक भी बुन्देलखण्ड में विशेष अवसरों पर घुंघरू तैयार की जाती है जैसे विवाह के समय मागरमाटी की रस्म होने के बाद आंमत्रित आस-पास की महिलाओं को बुलौआ में घुंघरूँ गुढ़ या बतासा के साथ बाँटा जाता है । मौसम के अनुकूल ठण्ड और बरसात में भी खाने में लिया जाता है । यह बुन्देलखण्ड का प्रसिद्ध व्यंजन है ।

सामग्री - साफ गेहूँ, गुड़

विधि - गेहूँ साफ करके रात में पानी में फूलने डाल देवें सुबह धोकर उबलने रख देवे तीस मिनिट तब उबालें । छन्नी से छान लेवें या लकड़ी की छोटी टोकनी में पलटा देवें जिसे चुनका भी कहते हैं। पानी निकल जाने पर गुड़ के साथ परोसें घुंघरूँ अत्याधिक पौष्टिक होती है । सुबह खाली पेट 20 दाने खाने से पाचन में सहायक होती है और भूख बढ़ाती हैं ।

पौष्टिकता - प्रोटीन की अधिकता होती है। गुड़ से आयरन प्राप्त होता है । शारीरिक, मानसिक कार्य करने वालों को लाभकारी होता है ।

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