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जुनरी (ज्वार अर्थात जौ) की रोटी

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

जुनरी की रोटी शारीरिक श्रम करने वालों के लिए स्वास्थ्यवर्धक है । आहार आयोजन के मूल सिद्धांत हैं भोजन यथा सम्भव कम दामों में तैयार हो । भोजन मौसम के अनुकूल हो । भोजन पाचनशील एवं पौष्टिक हो । भोजन में रेशेदार पदार्थ का होना आवश्यक है। भोजन रूचिकर हो । उत्तम विधि से तैयार किया गया हो। अधिक कार्य एवं भारी कार्य करने वालों के लिए 3900 कैलोरी की आवश्यकता होती है । मेहनतकश व्यक्ति में मजदूर वर्ग के अंतर्गत रिक्शा चालक, कुली, कारखानों के कारीगर, खेत में कार्य करने वाले किसान, खदानों में काम करने वाला मजदूर, हमारे देश में मजदूर वर्ग अत्यंत गरीब हैं इनहें दो वक्त की रोटी के लिए दिन भर मेहनत करना पड़ती है फिर भी भरपेट भोजन नहीं मिल पता है जिससे अधिकतर मजदूर कुपोषण के शिकार हो जाते हैं क्योंकि उनके भोजन में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है । जिसमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज लवण, कार्बोज प्रायःनहीं के बराबर होते हैं । इन तत्वों की कमी से शक्तिक्षीण होती है और व्यक्ति किसी न किसी बीमारी का शिकार हो जाता है। गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का (चना गेहूं मिक्स रोटी) की रोटियां, स्वास्थ्यवर्धक, शक्तिदायक होती हैं । जुनार (ज्वार) की रोटी मजदूर कृषक आसानी से पचाते हैं क्योंकि वह मेहनतकश मजदूर हैं। सामान्य कार्य करने वाले को पचास ग्राम ज्वार की आवश्यकता है किन्तु अधिक श्रम करने वाले को 250 ग्राम ज्वार की आवश्यकता होती है। बुन्देलखण्ड की फसलों में गेहूं की खेती की तरह ज्वार की खेती भी पर्याप्त होती है ।

सामग्री - जुनार आटा, नमक स्वादानुसार, घी ।

विधि - पानी कुनकुना करें । लोहे या मिट्टी के तबे पर मिट्टी का माजन लगायें । परांत में आटा रखें नमक मिला देवें । परांत में आटा का गोलाकार बनायें कुनकुने पानी में गूंथे जितने हथेली में समा जावे उतना आटा परांत में ही गदेली से घिसते जावें । पूर्णत: मसलने के बाद आटा की लोई बनायें कुचइया तैयार कर हथेली का दबाव देते हुए हथेली को पलटा कर पानी लगाकर फिर रोटीनुमा हथेली के दबाव से बढ़ाते हुए बनाते जावें । माजन लगा हुआ तबे को आँच पर रखें गरम होने पर रोटी तबा पर डालें दो मिनिट बाद पलटा देवें । हाथ से पलटाते न बनें तो झारिया से पलटा देवें । आँच धीमी रखें । तबा उतारकर रोटी सेंकना आरंभ करें हल्की आँच की सिकी रोटी ज्यादा स्वादिष्ट लगती है । लीजिए रोटी तैयार घी लगाकर परोंसे ज्वार की रोटी ठण्ड के मौसम में चना भाजी, मेंथी भाजी, कढ़ी या आलू भटा की सब्जी में स्वादिष्ट लगती है ।

पौष्टिक तत्व - ज्वार-कार्बोज, खनिज लवण, घी -वसा ।

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