लचका - बिना भुंजा हुआ दलिया पकाने से उसे लचका कहते हैं। यह गाढ़ा न पतला अर्थात लिटपिटा होता है। सर्वाधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है जो सीधे रक्त में मिलता है वैज्ञानिक दृष्टि से रक्त में पाये जाने वाले हल्के पीले रंग का क्षारीय कोलाइडल द्रव प्लाज्मा में प्रोटीन अत्याधिक मात्रा में होता है जिसके कारण रक्त चिपचिा होता है । प्रोटीन के भाग में एल्युमीनियम ग्लोब्यूलिन तथा फाइब्रिनोजन रहता है। चोट लगने पर फाइब्रिनोजन की बाह्य वातावरण के संपर्क में आते ही रक्त का थक्का बना देता है ।
कहने का तात्पर्य यह है कि प्रोटीन शरीर के लिए अत्याधिक पौष्टिक एवं उपयोग तत्व है, प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ रक्त में सीधा संपर्क कर मनुष्य को स्वस्थ रखने पर कामयाब होता है । प्राचीन समय में व्यक्ति अत्याधिक शारीरिक श्रम करता था, पौष्टिक तत्वयुक्त भोजन करने से शरीर स्वस्थ एवं निरोग रहता था कभी कभी ही भयानक बीमारियों का सामना करना पड़ता था । मीठा युक्त व्यंजन अधिकांश शक्कर गुड़ से बनते थे इनके उपयोग से मेहनतकश क्रियाशील व्यक्ति को पर्याप्त कैलोरी प्राप्त होती थी । राष्ट्रीय अनुसन्धान परिषद के प्रस्तावनानुसार सामान्य पुरूष जिसका भार 65 किलोग्राम है तथा सामान्य महिला जिसका भार 55 किलो ग्राम है आयु के अनुसार उसकी कैलोरी पुरूषों को 3200, 2900 और 2600 कैलोरी प्रतिदिन लेना होती है महिलओं को 2300, 2100, 1800 कैलोरी प्रतिदिन लेना होती है । बुन्देली व्यंजन में संतुलित आहार के साथ यह कैलोरी प्राप्त हो जाती है । अतः इन व्यंजनों से अत्याधिक क्रियाशील, मध्यम क्रियाशील, साधारण क्रियाशील व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ होता है। कम वसा एवं गुड़ प्रोटीन से युक्त भोजन की श्रेणी में लचका आता है। यह भोजन शरीर को ऊर्जा देता है कार्यक्षमता बढ़ाता है । रोग रोधक क्षमता उत्पन्न करता है ।
सामग्री - गेहूं का महीन दरिया, गुड़ आवश्यकतानुसार दूध ।
विधि - गेहूँ का महीन मोटा आटानुमा दरिया चक्की से दरवा कर तैयार करें। एक पाव दरिया के लिए एक पतीली में एक किलो पानी को उबालें । उबलते पानी में दरिया डाल देवें । उबाल (खौल) आने पर करछली से चलाते जावें और आँच को धीमा कर देवें 30 मिनिट तक उबलने देवें । किन्तु लगातार चलाते जावें अन्यथा पतीला (गंज) में नीचे चिपक जायेगा उबलते समय जितना मीठा चाहिए है उतना गुड़ महीन करके डाल देवें । मिलाने के बाद उतारें । ठण्डा कर खाने के उपयोग में परोंसे इसे दूध डालकर भी खाया जाता है । लचका किसी भी अवसर पर पकाया जा सकता है ।
पौष्टिक तत्व - प्रोटीन, आयरन पाया जाता है ।