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बुंदेलखंड विश्वकोश

कुमड़ खीर

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

कुमड़ा दो प्रकार के होते हैं पहला भूरा कुमड़ा जिसका पेठा (मीठा) उड़द दाल में मिलाकर बरी बनती है। दूसरा जगन्नथिया कुमड़ा जिसकी सब्जी एवं चॉवल के साथ मिलकर खीर बनाई जाती है इसे कुमड़ा खीर कहते हैं । बुन्देलखण्ड से दीपावली के बाद बड़ी एकादशी आर्थात देवउठनी ग्यारस पर कुम्हड़ा की पूजा होती है इसी के बाद कुमड़ा की खीर या सब्जी बनाई जाती है। सामान्यतः खीर की तरह ही बनती है इस खीर में कुमड़ा डाला जाता है ।

सामग्री - चॉवल, कुमड़ा (जगन्नथिया), दूध, इलायची, मेवा, घी, गुड़ ।

विधि - कुमड़ा को छील लेवें । फिर किस कर रखें। चॉवल साफ कर धोयें थोड़ी देर गीले रखे रहने देवें । गंज में दूध थोड़ा पानी मिलाकर आँच पर रखें चॉवल घी में तल लेवें दूध उबालने पर डाल दें । थोड़ी देर बाद कुमड़ा डालें तीस मिनिट तक करछली से चलाते रहे चॉवल पक कर जब मिल जावें तब गुड़ डाल दें पकने के बाद उतारें और इलायची सभी प्रकार के मेवा डाल देवें दूध, चॉवल, कुमड़ा अच्छी तरह मिल जाता है । तब समझे कुमड़ा खीर तैयार ।

पौष्टिकता - चॉवल - कार्बोहाइड्रेट, दूध - सम्पूर्ण पौष्टिक तत्व, गुड़ - आयरन, घी - वसा, मेवा - समस्त तत्व ।

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