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सन्तुलित आहार की परिभाषा

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

सन्तुलित भोजन वह भोजन है जो मनुष्य की पोषण सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूर्ण करता है । भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के अनुसार - "सन्तुलित आहार वह आहार है, जो शरीर की वृद्धि, उचित विकास, कार्य तथा स्वास्थ्य संरक्षण के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का सम्मिश्रण करता है, जो कि भोजन में मात्रा व गुणात्मक रूप से सन्तुलित रूप में पाये जाते हैं ।" सरल शब्दों में हम कह सकते हैं कि "सन्तुलित भोजन, वह भोजन है जिसमें शरीर के लिए आवश्यक तत्व जैसे -प्रोटीन, कार्बोज, वसा, खनिज तत्व व विटामिन तथा जल आदि उचित मात्रा में उपस्थित हों।"

संतुलित भोजन से तात्पर्य महँगी वस्तुओं से नहीं है अपितु सस्ती से सस्ती खाद्य सामग्री को परिमाण में समान हो । अतः पोषण विज्ञान का ज्ञान होना आवश्यक है।

प्रायः देखा जाता है कि आज की जनता ज्ञान वृद्धि के कारण परिष्कृत (Refined) तथा स्वाद युक्त भोजन को अधिक महत्व देने लगी हैं। यही कारण है कि उनके भोजन में मूल्यवान, रक्षात्मक तत्वों का अभाव पाया जाता है । अन्य विकसित तथा अविकसित देशों की भाँति भारतवर्ष को भी पोषण की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । वास्तव में पोषण संबंधी समस्याओं के समाधान की तुरन्त आवश्यकता है।

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