personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता
पपड़ियां की भाँति आटा को गूंथा जाता है छोटी लोई बनाकर पटा पर रखकर पूरा पटा भर कर बेल कर चाकू से दो इंच की चौड़ाई से काट कर गरम तेल में सेंका जाता है । सलौनी का उपयोग चाट के साथ या अलग से भी प्रयोग किया जाता है । बुन्देलखण्ड में विशेष तौर पर होली, दशहरा, दीवाली के अवसर तैयार कर नाश्ते में रखते है । यह गेहूँ के आटा से हौर बेसन से भी तैयार किया जाता है ।
पौष्टिक तत्व - गेहूँ में प्रोटीन, कार्बोज शक्कर में कार्बोज पाया जाता है ।
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