खुरमा दो प्रकार के तैयार किए जाते हैं। (1) मीठे खुरमा (2) नमकीन खुरमा। दोनों का स्वाद अलग-अलग होता है किन्तु पकाने की विधि एक होती है मीठे खुरमा विशेषकर तीजा व्रत एवं महालक्ष्मी व्रत में पकवान में पूजा की थाली में गोरा पार्वती को भोग लगाने रखे जाते हैं । मकर संक्रांति में खुरमा अवश्य बनते हैं । अतिथियों को सत्कार में नाश्ता स्वरूप परोसे जाते हैं । स्वादिष्ट लगते हैं ।
मीठे खुरमा की सामग्री - गेहूं का आटा आधा किलो, गुड़ शक्कर एक पाव, पच्चीस ग्राम खसखस दाना, आवश्यकतानुसार थोड़ा नमक, सेंकने हेतु तेल ।
विधि - गेहूं के आटा को परात में रखकर तेल का मोन लगाया जाता है। गुढ़ या शक्कर को डेढ़ कप पानी में घोल कर छन्नी से छानकर, आटा में डालते हुए माढ़ लेते हैं अर्थात गूँथ लिया जाता है । थोड़ी देर फूलने देवें । फिर मोटी मोटी लोई बनाकर पटा पर रखके पुड़ी की तरह बेलन से बेल कर फैला लेते हैं चाकू से चोकोर या तिकोन आकृति के काटकर पीस कर लिए जाते हैं ।
इन्हीं को खुरमा कहते हैं कढ़ाही में तेल डालकर गरम करें और धीमी आँच में खुरमा सेंक लीजिए मीठे खुरमा तैयार, ठण्डे होने पर बंद डिब्बे में रखे आठ-दस दिन तक इनका उपयोग खाने में किया जाता है। इसी प्रकार से नमकीन खुरमा तैयार किए जाते हैं। गुढ़, शक्कर की जगह स्वानुसार नमक, जीरा या अजमाइन प्रयोग किया जाता है आटा में तेल का मोन देकर माढ़ कर मीठे खुरमा की तरह सेंक लिया जाता है। इन्हें खुरमा और खुरमी के नाम से जानते हैं ।
पौष्टिक तत्व -
गेहूं- प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट
गुड़ - आयरन
शक्कर - कार्बोज
अजवाइन, जीरा - खनिज लवण
खुरमा नाशते में तथा मेहमानों को परोसे जाते हैं ।