इसे चूरमा के लड्डू कहते हैं । व्यंजन में आटा के लड्डू बनाये जाते थे । बुन्देलखण्ड में मकर संक्रांति, बसंत पंचमी, शिवरात्रि में गाँव-गाँव मेला लगता है | इस अवसर पर परिवार सहित लोग मेला देखने जाते हैं तब नाशता के लिए लड्डू बनाकर ले जाते हैं। गेहूँ आटा थोड़ा मोटा दरदरा पिसवाया जाता है और चावल आटा बेसन तथा मूँगदाल के लड्डू बनाये जाते हैं जो बहुत स्वादिष्ट और पौष्टिक हैं।
सामग्री - एक किलो आटा, तीन पाव गुढ़, इलायची चार, चिरौंजी पचास ग्राम, किसमिश पचास ग्राम ।
गेहूँ आटा (चूरमा) के लड्डू विधि -
धीमी आँच पर आटा घी के साथ भून लें गुलाबी होने पर उतार लेवें गुढ़ को फोड़कर महीन कर चासनी बनावें एक कप पानी में गुढ़ डालकर थोड़ा पकावें, गाढ़ा न होने दें और उतार लेवें मेवा का चूरमा बनावें भुने आटा में मिलावें फिर गुढ़ का घोल आटा में डालकर गोल-गोल साइज के लड्डू बनावें हाथों से दबाते हुए, लीजिए लड्डू तैयार ।
पौष्टिक तत्व - प्रोटीन, वसा, कार्बोज, आयरन ।