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मधुकरशाह

मधुकरशाह

नाराहट के मधुकरशाह ने 8 अप्रैल 1842 को बुंदेला विद्रोह आरंभ किया। जब उन्होंने सागर स्थित अंग्रेज़ों की नाक में दम कर दिया तो उसे जिन्दा या मुर्दा गिरफ्तार करने पर 5,000 रूपये का ईनाम रखा गया। ललितपुर के प्रिंसिपल असिस्टेंट कमिश्नर आर.एम.सी. हैमिल्टन ने 24 जनवरी, 1844 को मधुकरशाह को पकड़वा दिया। सागर जेल में मधुकरशाह को फांसी पर लटका दिया गया।

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