पपड़िया - तीज-त्यौहारों पर पपड़िया बनाई जाती है तीन प्रकार से बनती हैं । 1. नमकीन, 2. मीठा, 3. सादा । किसी पर्व पर किसी भी समय पर उपयोग किया जाता है। नाश्ता में प्लेट में रखकर आगन्तुकों को परोसी जाती है। पपड़ियाँ किसी भी धर्म, जाति वर्ग में उपयोग की जाती हैं। किसी भी यात्रा या पिकनिक, वन भोज जैसे कार्यक्रमों में हल्का आहार की श्रेणी में लिया जाता है।
सामग्री - गेहूं का आटा, तेल, आवश्यकतानुसार नमक, मीठा बनाने को गुढ़ या शक्कर, नमकीन बनाने को अजवाइन, सादा बनाने को जीरा आवश्यकतानुसार लाल पिसी मिर्च ।
नमकीन पपड़िया - आटा परात में लेवें आवश्यकतानुसार नमक, अजवाइन, पिसी लाल मिर्च थोड़ी मात्रा में डालें तेल का मोन जरूर देवें । थोड़ा-थोड़ा पानी डालते जावें और गूंथ लेवे आटा कड़ा गूँथे ताकि पपड़िया पतली बेली जा सकें । गूंथकर आटा थाड़ी देर को रख देवें तत्पश्चात् पटा पर तेल लगाकर छोटी-छोटी लोई बनावें मानकर चलें एक रोटी के अनुपात में चार पपड़िया तैयार होती हैं। पटा पर रखकर पतली गोल बेलकर रखें। कढ़ाही में तेल डालकर आँच पर रखें गरम होने पर एक एक पपड़िया सेंक कर रखते जावें । ठण्डी होने पर नाशते में सेवन करें।
मीठी पपड़िया - आटा में तेल का मोन देकर गुढ़ या शक्कर का घोल बनायें आटा में स्वादानुसार नमक थोड़ा जीरा डालें । गूंथकर रखें छोटी-छोटी लोई बनायें । गोल पतली बेल कर । कढ़ाही में तेल गरम कर सेंक कर रखते जावें । ठण्डी होन पर नाशते में देवें ।
घर में नाशता तैयार करने से स्वास्थ्य पर अच्छा असर होता है। बाजार की वस्तु का इस्तेमाल करने से बीमारियाँ जन्म लेती हैं