इनका जन्म 09.01.1980 को म.प्र. के दतिया जिले के ऐतिहासिक ग्राम गुजर्रा में हुआ। गुजर्रा गाँव में सम्राट् अशोक का लघु शिलालेख उपलब्ध है जिस पर सम्राट् अशोक का नाम 'देवानां प्रिय राजा अशोक' अंकित है। इनके पिता श्री मुलायम सिंह गौतम कृषि कार्य करते हैं। इनकी ● माता का नाम श्रीमती लीलावती है। ये तीन भाई और एक बहिन हैं। सबसे बड़े ये स्वयं हैं। इनसे छोटे श्री राजकुमार गौतम एम.ए. संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर शा. माध्यमिक विद्यालय, जसावली, सेंवढ़ा, दतिया में शिक्षक हैं। छोटे भाई श्री विजय कुमार गौतम म.प्र. विद्युत मंडल शिवपुरी में जूनियर इंजीनियर हैं। बहिन श्रीमती शकुन्तला प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर झाँसी में विवाहित हैं। डॉ. रामहेत गौतम की 12वीं तक शिक्षा उ.मा. विद्यालय, उन्नाव (म.प्र.), बी.ए., एम.ए. की शिक्षा जीवाजी वि.वि. ग्वालियर से सम्पन्न हुई। दिसम्बर 2008 में इन्होंने संस्कृत में नेट परीक्षा उत्तीर्ण की तथा 2011 में प्रो. एस.एस. गौतम विभागाध्यक्ष, शा. स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दतिया के कुशल निर्देशन में पीएच.डी. उपाधि जी.वि.वि. ग्वालियर से प्राप्त की। 2003 से 2013 तक इन्होंने शासकीय महाविद्यालय आलमपुर में प्रयोगशाला तकनीशियन भूगोल के पद पर कार्य किया। ये वहाँ एन.सी.सी. अधिकारी भी रहे। 28.05.2013 से ये सागर वि. वि. के संस्कृत विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं ।
डॉ. एस.एस. गौतम और श्री एम.एस. सिसौदिया इनके आदर्श गुरु रहे हैं। 2001 में दतिया के ग्राम बिलौनी निवासी लक्ष्मी गौतम से इनका विवाह सम्पन्न हुआ। इनके एक पुत्र श्री विराज गौतम तथा एक पुत्री कुमारी तनुष्का गौतम हैं जो स्नातक कक्षा में अध्ययन कर रहे हैं। इनकी मौलिक तथा संपादित 6 पुस्तकें प्रकाशित हैं। इनका शोधग्रन्थ 'बुद्धचरित में पर्यावरण चेतना' सत्यम् पब्लिशिंग हाऊस, दिल्ली से प्रकाशित है। इनके लगभग 40 शोधपत्र, 25 अध्याय प्रकाशित हैं। इन्हें कविताएं दोहे और चौपाई लिखने का भी शौक है। अशोक ब्राह्मी लिपि का इन्हें ज्ञान है। पांडुलिपि विज्ञान में भी ये रूचि रखते हैं। ये सागरिका एवं नाट्यम् के सम्पादक मण्डल के सदस्य हैं। इनके निर्देशन में 2 शोधछात्र पीएच.डी. उपाधि प्राप्त कर चुके हैं और चार शोधार्थी शोधकार्य कर रहे हैं। वर्तमान में ये डॉ. हरीसिंह गौर वि.वि. परिसर सागर में निवास कर रहे हैं।