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बुंदेलखंड विश्वकोश

दाल-चावल

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

बुन्देलखण्ड में दाल-चॉवल प्रतिदिन भोजन में दोपहर को तैयार होता है कहीं-कहीं रात्रिकालीन भोजन में उपयोग होता है। रूचि के अनुसार कोई भी दाल का उपयोग किया जा सकता है। चावल के साथ जैसे अरहर (तुअर), मसूर, मूंग, उड़द, चना दाल । परिवार के भोजन में तथा अतिथि सत्कार में दाल चॉवल सम्मिलित होते हैं । बुन्देलखण्ड में पक्यात अर्थात सगाई जब लड़का-लड़की की होती है अर्थात कच्चा-पक्का भोजन तैयार होता है तब दाल चॉवल जरूर तैयार किए जाते हैं । प्रतिदिन की दिनचर्या के अतिरिक्त दाल-चावल का भोजन में अधिक महत्व है ।
सामग्री - रूचि के अनुसार दाल कोई भी, राई जीरा, हींग लहसुन, प्याज, मिर्च, हल्दी, नमक, तेल ।

दाल विधि - पुराने समय में दाल को मिट्टी के बर्तन में पकाया जाता था आज के समय में कुकर में पकाया जाता है जिसे भाप द्वारा पकाया हुआ कहते हैं ।

सर्वप्रथम दाल को साफकर पानी से धो लेवें । कुकर के डिब्बे में पानी डालें और उबलने रख देवें उबल जाने के बाद राई, जीरा, हींग या प्याज लहसुन मिर्च हल्दी का बघार लगावें नमक स्वादानुसार डालें

पौष्टिकता - दाल में प्रोटीन सर्वाधिक पाया जाता है। राई, जीरा, वसा, लवण, नमक-सोडियम, मैग्नीशियम को नियंत्रित करता है। हल्दी एन्टीबाइटिक है स्वास्थ्य एवं सौंदर्यवर्धक होती है । तेल- वसायुक्त है।

चॉवल सामग्री - मात्र चावल ।

विधि - चॉवल पकाने की विधि सरल है चॉवल को पहिले साफ करें गंज में चावल रखें यदि पसाकर बनाना है तो पानी पर्याप्त हो यदि बिना माढ़ निकाले बनाना है तो चॉवल के ऊपर अंगुली के पोर से तीन पोर पानी रखें एक खौल आने पर आँच धीमी कर दें ढक्कन ढक देवें । इसे दम चॉवल भी कहते हैं इस विधि से चॉवल की पौष्टिकता पर्याप्त रहती है। चॉवल को पसाकर बनाने में अर्थात माड़ निकाल देने पर पौष्टिकता माड़ के साथ निकल जाती है। यूं माड़ में नमक जीरा डालकर कुछ लोग भोज्य में अलग से लेते हैं वो जो छत्तीसगढ़ से आकर बुन्देखण्ड में बस गये हैं। वर्तमान में भाप द्वारा दाल की भाँति चॉवल भी कुकर में पकाया जाता है। स्वाद के अनुसार कुछ लोग चॉवल में नमक एवं घी भी डालते है। चॉवल प्रत्येक अवसर पर भोज्य में सम्मिलित हैं । चॉवल की खिचड़ी, चॉवल का पुलाव, चॉवल की खीर एवं बुन्देलखण्ड में चॉवल के लड्डू, पापड़ (खीचला) ।

पौष्टिकता - चॉवल में कार्बोज 100% है। शरीर की वृद्धि, शरीर को हस्टपुस्ट बनाने में लाभकारी है ।

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