बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

सुपोषण की आवश्यकताएँ

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

उत्तम पोषण की निम्नांकित आवश्यकताएँ हैं -
1) शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु तथा आयु एवं ऊँचाई के अनुरूप भार को बनाये रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में शरीर में ऊर्जा होना जिसके लिए वसा तथा कार्बोज आवश्यक है ।

2) मांसपेशियों के ऊतकों के निर्माण एवं पुर्ननिर्माण, ऊर्जा प्रदान करने एवं नियंत्रित करने तथा निश्चित मात्रा में शरीर के महत्वपूर्ण निर्माण के लिए एमिनो एसिड प्रदान करने हेतु समुचित मात्रा में प्रोटीन आवश्यक है ।

3) शरीर के ढाँचे को सुन्दर हष्ट-पुष्ट बनाने के लिए रक्त तथा शरीर की प्रमुख प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में खनिज पदार्थों, विटामिन, जल तथा रफेज की आवश्यकता होती है ।

अल्प पोषण के अल्प पोषण में भोज्य तत्व मात्रा एवं गुणों की दृष्टि से शरीर की आवश्यकता
अनुपात में यथेष्ट नहीं होते अथवा उनमें किसी एक की न्यूनता होती है। अपर्याप्त पोषण के परिणाम स्वरूप शरीर की अपेक्षित वृद्धि और विकास नहीं हो पाता तथा हीनता जनिज रोग उत्पन्न हो जाते हैं ।

अल्प पोषण के दुष्परिणाम निम्नलिखित शारीरिक लक्षणों के रूप में प्रकट होते है -

1. शरीर निर्बल होने लगता है। क्योंकि शरीर को पर्याप्त ऊर्जा प्रदान करने वाले भोज्य तत्वों की कमी के कारण यथेष्ट शक्ति नहीं मिल पाती ।
2. शरीर में रक्त की कमी होने लगती है ।
3. शरीर का भार क्रमशः कम होने लगता है ।
4. त्वचा, शुष्क, खुरदरी एवं झुर्रीदार हो जाती है ।
5. मांसपेशियाँ ढीली-ढाली व शिथिल हो जाती हैं ।
6. अस्थियों की वृद्धि एवं विकास की गति में अवरोध उत्पन्न हो जाता है, जिसके दुष्परिणाम स्वरूप बच्चों में अस्थि-विकृति व प्रौढ़ों में ऑस्टोमलेशिया रोग उत्पन्न होने की सम्भावना रहती है ।
7. केश चमकहीन व रूक्ष हो जाते हैं। उनकी वृद्धि रूक जाती है और वे पोषण के अभाव में गिरने लगते हैं ।
8. नेत्रों की ज्योति कम हो जाती है । रतौंधी तथा पोषण तत्वहीनता जन्म रोग उत्पन्न हो जाते हैं ।
9. शरीर की रोग निरोधक क्षमता का ह्रास हो जाता है। संक्रामक रोग बड़ी शीघ्रता से संक्रमित हो जाते हैं ।
10. अपर्याप्त पोषण के परिणाम स्वरूप छोटे बच्चों के दाँत देर से निकलते हैं तथा दाँत शीघ्रता से रोगग्रस्त हो जाते हैं ।
11. पाचन संबंधी अनेक रोग हो जाते है ।
12. थकान का अनुभव बड़ी शीघ्रता से होने लगता है। अधिक देर तक कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है ।

क्या इस लेख में कोई त्रुटि है?