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चीला (गेहूँ)

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

बुन्देलखण्ड के परम्परागत व्यंजन में चीला व्यंजन बहुत प्रसिद्ध है रोचक एवं स्वादिष्ट होते हैं यह दो प्रकार से पकाये जाते हैं। नमकीन चीला और मीठा चीला, चीला का स्वाद ठण्ड एवं बरसात में दूना हो जाता है ।

सामग्री — मीठा चीला के लिए । गेहूँ का आटा, गुड़, थोड़ा नमक थोड़ा खसखस दाना जीरा ।

नमकीन चीला - बेसन, जीरा, अजवाइन, मिर्च, हरि धनिया पत्तती, हींग
नमक ।

विधि - मीठा चीला, गेहूँ का आटा गहरी परात में रखें। पानी में गुढ़ घोल लेवें, छन्नी से गुड़ का पानी छान लेवें । आटे में गुढ़ पानी डालते जायें हाथ से मथते जावें पूर्णतः फेंटते जावें तत्पश्चात आवश्यकतानुसार नमक और खसखस थोड़ा सा डालकर 15 मिनिट के लिए फूलने दें चूल्हें या गैस पर लोहे का तब उल्टा रखें और गरम होने पर तेल का लेप लगायें फिर कटोरी भर-भर तबे पर फैलाते जावें । फैलाने के बाद तेल का लेप ऊपर से पुनः लगावें पतली छरिया से पलटा देवें बस चार मिनिट में एक चीला तैयार गरमा-गरम खाने में परोसें । चीला ठण्डा अच्छा नहीं लगता इसलिए ताजे भोजन में परोसना चाहिए ।

नमकीन चीला -
बेसन में पानी डालकर घोल बनाकर फेंट लें तत्पश्चात् मसाले में नमक, जीरा, अजवाइन, हींग हरि धनिया पत्ती डालकर फेंट देवें । 15 मिनिट के लिए फूलने दें।
चूल्हे या गैस पर तबा रख दें गरम होने पर तेल का लेप करें, कटोरी से फिटा हुआ बेसन तबे पर डालें ऊपर से पुनः तेल का लेप करें पतली छरिया से आहिस्ता पलटें । लीजिए बेंसन का नमकीन चीला तैयार । हरी धनियाँ पत्ती, हरी मिर्च की चटनी के साथ चीला को थाली में गरम-गरम परोंसे ।

पौष्टिक तत्व -
गेहूँ - कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन
बेसन - प्रोटीन
गुढ़, शक्कर - शर्करा
तेल, खसखस - वसा
जीरा- पौष्टिकता से युक्त

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