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पुआ

personडॉ. प्रेमलता नीलम sourceस्रोत: बुंदेलखंड के व्यंजन की वैज्ञानिकता

मीठे पुआ गेहूं के आटा से तैयार किए जाते हैं ।

सामग्री - आधा किलो गेहूँ का आटा एक पाव गुड़ मोन देने के लिए तेल सेंकने के लिए घी, आवश्यकतानुसार थोड़ा नमक स्वादिष्ट बनाने के लिए खस-खस दाना पांच ग्राम, इलायची दाना दो ।

विधि - गुड़ को एक गिलास पानी में भिगो देवें फूलने पर पानी में ही मसल देवें । पानी में घुल जाने के बाद छन्नी से पानी छान लेवें । परात में आटा रखें, थोड़ा-थोड़ा गुड़ युक्त पानी आटा में डालते हुए गूंथते जावें इसके पूर्व आटा में थोड़ा तेल का मोन आवश्य देवें ताकि कड़े न हो सकें। आटा गुथ जाने के बाद मध्यम लोई बनावें और पटा पर रखकर बेलते जावें । कढ़ाही में घी डालकर गरम करें फिर बिले हुए पुआ कढ़ाई में तेल डाल गरम करें फिर पुड़ीनुमा बेले हुए पुआ कढ़ाही में डालकर तले । स्वादिष्ट बनाने के लिए आटा गूंथते समय खसखस दाना तथा इलायची पीसकर डालने से पुआ का स्वाद दुगना हो जाता है। पुआ ठण्डे गरम खाने में अच्छे लगते हैं । ज्यादातर भाद्रपक्ष की संतान सप्तमी के व्रत में महिलाएँ । पुआ बनाती हैं और दही के साथ खाती है ।

पौष्टिकता - गेहूँ - प्रोटीन / घी, ख़सखस - वसा
पुआ बुन्देलखण्ड में पकवानों के अंतर्गत आते हैं त्यौहारों में भी तैयार किए जाते हैं ।

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