यह बुन्देलखण्ड का प्रसिद्ध और रोचक मिष्ठान है जिसे लपसी या सीरा कहते हैं। पुड़ी अर्थात् लुचई, सुऑरी जब भी बनती है तब बुन्देलखण्ड में सीरा अर्थात लपसी जरूर बनेगी । शादी, सगाई तीज त्यौहारों एवं सामूहिक भोज, मेहमान के आने पर इत्यादि में प्रचलित है वर्तमान में त्यौहारों पर इसको भोजन में बनाया जाता है |
सामग्री - गेहूं का आटा, गुढ़ या शक्कर इलायची, लौंग, किसा हुआ नारियल ।
विधि - गेहूँ का आटा परिवार के सदस्यों के अनुसार लेवे जैसे दस व्यक्तियों के लिए आधा किलो आटा कढ़ाई में थोड़ा घी डालें मंद आंच पर गुलाबी सेंक लें। दूसरी पतीली (गंज) को धीमी आंच पर रखें थोड़ा घी डालें गरम होने पर चार-पाँच लौंग-दो इलायची पीसकर डालें हल्का तल जाने पर दो किलो पानी डालें और उबलने दें । बीच में ही गुड़ शक्कर डालें रूचि के अनुसार उबाल आ जाने पर भुंजा हुआ आटा डालें करछली से चलाते जायें पूर्ण रूप से मिक्स हो जावे और पतीली में चिपकने न पाये इसलिए चलाते रहना चाहिए आधा घण्टे तक धीमी आँच पर पकाना चाहिए लीजिए सीरा तैयार ।
सीरा बनाने की दूसरी विधि निम्न प्रकार है -
बड़ी बड़ी दस-बारह सुऑरी अर्थात पुड़ी महीन कर के हथेली से मसल लेवें ऊपर बतलाई गई विधि के अनुसार तैयार करें। सीरा पुड़ी के साथ खाने में स्वादिष्ट लगता है । यूँ रोटी के साथ भी खाने में स्वादिष्ट लगता है ।
पौष्टिक तत्व - गेहूँ आटा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, गुढ़, शक्कर- कार्बोहाइड्रेट, दूध-सम्पूर्ण पौष्टिक तत्व, लौंग इलायची-वसा