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तेली रोवे तेल कों, मकसूदन रोवें खरी कों।

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तेली रोवे तेल कों, मकसूदन रोवें खरी कों।

info अर्थ:

सबको अपने स्वार्थ की चिन्ता रहती है। मकसूदन (मधुसूदन) नाम का कोई आदमी तेली के पास तिली पिरवाने के लिए ले गया। परन्तु उसे तेल के साथ खली वापिस नहीं मिली। दूसरी ओर तेली का यह कहना था कि मधुसूदन के पास तेल अधिक पहुंच गया। खली किस बात की लौटायी जाय ? इस तरह अपनी-अपनी जगह दोनों रोते रहे।